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मैडम क्यूरियस लोगो

मैडम क्यूरियस

स्कूल के बच्चों के लिए मज़ेदार विज्ञान

मैडम क्यूरियस का मिशन है बच्चों को विज्ञान के ज़रिये आलोचनात्मक चिंतन (क्रिटिकल थिंकिंग) और समस्या-समाधान (प्रॉब्लम सॉल्विंग) की कला सिखाना।

हम, "टीम मैडम क्यूरियस", जोशीले शिक्षकों और वैज्ञानिकों का एक छोटा समूह हैं, जो भारतीय शिक्षा के क्षेत्र में बदलाव लाने की कोशिश कर रहें हैं। हम जो कुछ भी बना रहे हैं, वह सब इस्तेमाल करने के लिए बिल्कुल मुफ्त है

और जानें

हमारी कोशिश क्या है?

बच्चे जन्म से ही जिज्ञासु होते हैं। वे गौर करते हैं, सवाल पूछते हैं, आपत्ति जताते हैं, चीज़ों से छेड़छाड़ करते रहते हैं और कुछ नया बनाते रहते हैं!

लेकिन, जब वे ऐसी शिक्षा प्रणाली से गुजरते हैं जो अक्सर रटने पर ज़ोर देती है, तो यह खतरा रहता है कि वे अपनी ये कीमती योग्यताएँ खो देंगे - वही योग्यताएँ जो आज के बच्चों को बेहतर कल का निर्माता बनने के लिए ज़रूरी हैं। नेशनल अचीवमेंट सर्वे (NAS) और एनुअल स्टेटस ऑफ़ एजुकेशन रिपोर्ट (ASER) जैसे व्यापक और महत्वपूर्ण राष्ट्रव्यापी अध्ययन इस समस्या को साफ तौर पर मानते हैं।

मैडम क्यूरियस में, हम बच्चों में सोचने और समस्या सुलझाने के स्वाभाविक हुनर को निखारना और पक्का करना चाहते हैं, जीवन में इतनी जल्दी कि वे हमेशा के लिए उनकी आदत बन जाएं। खुद वैज्ञानिक होने के नाते, हम विज्ञान के माध्यम से अपना लक्ष्य हासिल करना है।

यह कैसे काम करता है

मैडम क्यूरियस कक्षा 5 से 8 के उन बच्चों के लिए है जो सरल हिंदी (और चाहें तो अंग्रेज़ी भी) समझते हैं

#1
हफ़्ते में बस एक घंटा दें...

मैडम क्यूरियस का इस्तेमाल करना बहुत आसान है, बस हफ़्ते में दो बार आधा-आधा घंटा अपने बच्चे के साथ बिताएं, छोटी, दिलचस्प, रोज़मर्रा की ज़िंदगी से जुड़ी फिल्में देखें और हमारे मिलनसार "टीचर-बॉट" से चैट करें।

#2
...मनोरंजक छोटी फिल्में देखें...

हमारे वीडियो आम विज्ञान के पाठों जैसे बिल्कुल नहीं हैं। वे छोटी फिल्में हैं - ऐसी कहानियां जो दिखाती हैं कि नटखट बच्चे रोज़मर्रा की चीज़ों का अनुभव करते हैं और उत्सुक हो जाते हैं। हम उन्हें देखते हैं कि कैसे वे गौर करते हैं, सवाल पूछते हैं और तर्क करते हैं, उन चीज़ों के पीछे छिपे विज्ञान को उजागर करते हैं जिन्हें वे हर दिन देखते और करते हैं। यह आपके बच्चे में जिज्ञासा जगाने और सीखने के प्रति प्यार पैदा करने का एक मजेदार और आकर्षक तरीका है।

#3
...और हमारे मिलनसार "टीचर-बॉट" से चैट करें।

हर वीडियो के बाद मैडम क्यूरियस, हमारे मिलनसार टीचर-बॉट, के साथ चैट करें, जहाँ वह आपके बच्चे को सवालों के माध्यम से गाइड करेगी। ये चैट अवधारणाओं की समझ को गहरा करने और आलोचनात्मक चिंतन को मजबूत करने के लिए डिज़ाइन की गई हैं। मैडम क्यूरियस को बातें करना पसंद है, और वे कभी-कभी मज़ाक भी कर सकती हैं, लेकिन गलत न समझें - वे अपने काम के मामले में पक्की हैं!

एक झलक

अवधारणा: ठोस पदार्थों में दबाव (मूल बातें)

पहले वीडियो देखें, फिर चैट आज़माएँ

निर्माता

जब शिक्षा प्रणाली में अक्सर रटने को ही महत्व और बढ़ावा दिया जाता है, तो यह अवधारणाओं की गहरी समझ बनाने में बाधा डालती है और आलोचनात्मक चिंतन व समस्या-समाधान जैसे ज़रूरी हुनर के विकास को रोकती है।

यह वास्तव में दुर्भाग्यपूर्ण है, क्योंकि आने वाले वर्षों में संतोषजनक और सार्थक करियर की तलाश करने वाले आज के बच्चों के लिए, इन्हीं गुणों का होना ज़रूरी होगा।

मैडम क्यूरियस में हम कुछ जोशीले लोग हैं, जो बच्चों में सोचने और समस्या सुलझाने के कौशल को बनाना व विकसित करना चाहते हैं, छोटी ही उम्र में, ताकि वे हमेशा के लिए आदत बन जाएं। मैडम क्यूरियस को शिक्षकों और उपयोगकर्ताओं से मिले लगातार फीडबैक के आधार पर बनाया और सुधारा गया है। इस प्रक्रिया में सीखने की सामग्री और उसे पेश करने के तरीके, दोनों को बेहतर किया गया है।

सौम्य कानोरिया

सौम्य कानोरिया

कॉर्नेल यूनिवर्सिटी, यू ऑफ़ इलिनॉय अर्बाना शैंपेन, कंप्यूटर वैज्ञानिक, उद्यमी

विवेक दादू

विवेक दादू

भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान इलाहाबाद (IIIT - Allahabad), एक्स-माइक्रोसॉफ्ट, शौक से शिक्षक

एस. के. अमरनाथ

एस. के. अमरनाथ

जवाहर नवोदय विद्यालय, राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान कर्नाटक (NIT - Karnataka), कंप्यूटर वैज्ञानिक, सॉफ्टवेयर आर्किटेक्ट